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मेड इन इंडिया एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम ने भारत और फ्रांस के बीच दुनिया की पहली इंटरकॉन्टिनेंटल रोबोटिक सर्जरियों को दिया सफलतापूर्वक अंजाम
o सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रैन्स, स्ट्रासबर्ग, फ्रांस में दो जटिल टेलीसर्जरियां कर एसएस इनोवेशन्स ने इतिहास रचा, 10,000 किलोमीटर की दूरी पर फ्रांस में आईआरसीएडी के मुख्यालय तथा श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल
नई दिल्ली, 2025: विश्वस्तरीय चिकित्सा साझेदारी एवं सर्जिकल इनोवेशन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल, इंक ने स्वदेश में विकसित एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम का उपयोग कर फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में एन्युअल कॉन्फ्रैन्स ऑफ द सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी में दो जटिल इंटरकॉन्टिनेंटल रोबोटिक टेलीसर्जरियों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ एसएस इनोवेशन्स दूरी की बाधाओं को दूर कर मरीजों के लिए सर्जिकल देखभाल को सुलभ बना रहा है। एसएसआई मंत्रा की मदद से सर्जन दूर बैठे पूरी सटीकता के साथ सर्जरी को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में एसएस इनोवेशन्स की यह पहल विश्वस्तरीय स्वास्थ्यसेवाओं की डिलीवरी को नया आयाम दे रही है।
इस रिमोट सर्जरी ने तकरीबन 10,000 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद सर्जिकल टीमों को एक दूसरे से कनेक्ट किया, इनमें इंस्टीट्यूट डे रीसर्च कॉन्ट्रे लेस कैंसर्स डे एल-अपेरेल डाइजेस्टिफ (जिसका मुख्यालय फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में है), श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंज़ और आईआरसीएडी नेशनल सेंटर, इंदौर भारत की टीमें शामिल थीं। यह सफलता महाद्वीपों के बीच उच्च सटीकता की सर्जिकल देखभाल उपलब्ध कराने की एसएसआई मंत्रा की असाधारण क्षमता को दर्शाती है।
पहली सर्जरी गैस्ट्रिक बायपास को डॉ मोहित भंडारी (आईआरसीएडी इंडिया के अध्यक्ष एवं मोहाक बैरिएट्रिक्स एण्ड रोबोटिक्स, इंदौर के संस्थापक) ने मात्र 44 मिनट के अंदर बिना किसी जटिलता के पूरा किया, जो सिस्टम की बेजोड़ स्थिरता, सटीकता एवं लेटेंसी रहित संचालन की पुष्टि करता है।
दूसरी प्रक्रिया, रोबोटिक एट्रियल सेप्टल डीफेक्ट क्लोज़र को डॉ सुधीर श्रीवास्तव ने किया जो एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल इंक के संस्थापक, चेयरमैन एवं सीईओ हैं। इस लाईव टेली सर्जरी का संचालन विश्वविख्यात रोबोटिक कार्डियक सर्जन डॉ हुसम एच. बाल्खी, एमडी, प्रेज़ीडेन्ट- इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर मिनीमली इनेवसिव कार्डियोथोरेसिक सर्जरी और प्रोफेसर ऑफ सर्जरी एवं डायरेक्टर ऑफ रोबोटिक एण्ड मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी- युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो मेडिसिन ने किया।
इंदौर में पेशेंट-साईड सपोर्ट के लिए मौजूद टीम में शामिल डॉक्टर थे- डॉ ललित मलिक, चीफ़ ऑफ कार्डियक सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर; डॉ राम कृष्ण शुक्ला, कार्डियोलोजिस्ट एवं डॉ बिपिन आर्या, एनेस्थेसियोलोजिस्ट- दोनों श्री अरबिन्दो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंज़, इंदौर से हैं। इसके अलावा एसएसआईआई और एसएआईएमएस से समर्पित टीमें भी मौजूद रहीं।
सर्जरी को बिना किसी तकनीकी समस्या के -बेहतरीन लेटेंसी, सटीकता एवं सहज रोबोटिक नियन्त्रण के साथ पूरा किया गया। यह सफलता एसएसआई मंत्रा 3 सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम के शानदार परफोर्मेन्स और इसके बदलावकारी टेलीसर्जरी आर्कीटेक्चर को दर्शाती है।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल इंक के संस्थापक, चेयरमैन एवं सीईओ डॉ सुधीर श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘मैं विपुल पटेल, एमडी, एफएसीएस, चेयरमैन – सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी; डॉ मोहित भंडारी; आईआरसीएडी इंडिया टीम और सम्पूर्ण एसएस इनोवेशन्स टीम के प्रति आभारी हूं, जिनके समर्पण एवं इनोवेशन की वजह से ही दुनिया की पहली इंटरकॉन्टिनेंटल रोबोटिक कार्डियक टेलीसर्जरी सफलतापूर्वक संभव हुई है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हमारे एसएसआई मंत्रा 3 सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम की आधुनिक क्षमता को दर्शाती है। साथ ही जटिल कार्डियक देखभाल को भी नया आयाम देती है- खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां सर्जिकल विशेषज्ञता की उपलब्धता सीमित है।’
डॉ मोहित भंडारी, प्रेज़ीडेन्ट- आईआरसीएडी इंडिया और संस्थापक एवं डायरेक्टर मोहाक बैरिएट्रिक एण्ड रोबोटिक सर्जरी सेंटर, इंदौर ने कहा, ‘‘इस तरह कॉन्टिनेन्ट्स के बीच जटिल गैस्ट्रिक बायपास को सफलतापूर्वक अंजाम देना सर्जिकल विज्ञान के लिए बदलावकारी उपलब्धि है। यह न सिर्फ तकनीकी क्षमता को दर्शाती है बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद खामियों को भी दूर करती है। भारत में विकसित एसएसआई मंत्रा सिस्टम की सफलता सुरक्षित, सटीक एवं समावेशी सर्जरी के भविष्य को आकार दे रही है।’
एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल का आधुनिक एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम आधुनिक टेलीसर्जरी की क्षमता से युक्त है जो सर्जिकल देखभाल में आने वाली पारम्परिक बाधाओं जैसे यात्रा, समय दूरी एवं सीमित उपलब्धता को हल कर मरीज़ों एवं सर्जनों के लिए एक समान एवं प्रभावी अनुभव को सुनिश्चित करता है।
अब तक एसएसआई मंत्रा सिस्टम की मदद से 10 कार्डियक केसेज़ सहित़ 35 टेलीसर्जरियों तथा 250 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा चुका है। कार्डियक सर्जरी को सबसे मुश्किल माना जाता है, ऐसे में यह उपलब्धि एसएसआई मंत्रा की सटीकता एवं परफोर्मेन्स की पुष्टि करती है। इसके अलावा 5000 से अधिक मल्टी-स्पेशलटी सर्जरियां भी इस सिस्टम की मदद से की गईहैं और किसी भी मामले में डिवाइस से जुड़े विपरीत प्रभाव नहीं देखे गए हैं।
एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल एकमात्र सर्जिकल रोबोटिक कंपनी है जिसे भारत में टेली-प्रॉक्टरिंग एवं टेलीसर्जरी दोनों के लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैण्डर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइज़ेशन से विनियामक अनुमोदन प्राप्त हुआ|


